मार्च 2026 में भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई को छुआ है। हाल ही में आयोजित 'India AI Impact Summit 2026' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन नए स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल लॉन्च किए हैं। ये मॉडल विशेष रूप से भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जो स्वास्थ्य, कृषि और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में क्रांति लाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह "AI सॉवरेनिटी" (तकनीकी संप्रभुता) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। जहाँ एक ओर ये तकनीकें व्यापार और विकास की गति बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर सुरक्षा की नई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, AI का उपयोग अब साइबर ठगों द्वारा अधिक स्मार्ट हमलों के लिए किया जा रहा है, जिससे बचने के लिए सरकार और निजी संस्थान अब "जीरो-ट्रस्ट" सुरक्षा मॉडल अपना रहे हैं।

IT क्षेत्र में यह बदलाव न केवल बड़े शहरों तक सीमित है, बल्कि छोटे कस्बों में ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल बैंकिंग (AePS) और स्थानीय ग्राफ़िक्स व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा कर रहा है।